सोशल मीडिया पर वीडियो सबने देखा होगा जिसमें एक जवान जिसका नाम तेज बहादुर यादव है ..अपने आप को 29 बटालियन BSF का जवान बता रहा है ..लगातार कई वीडियो डालने के बाद यादव ने शिकायत की है कि जो खाना उनको दिया जा रहा है वो ठीक नहीं है या फिर बॉर्डर पर तैनात फौजी के लिए खाना कतई सेहतमंद नहीं है..वीडियो में खाने का सैंपल भी दिखाई पड़ रहा है .जिससे ये साफ़ हो जाता है कि जवानों के लिए इस तरह का खाना सेहतमंद नहीं हो सकता है…यादव ने ये भी कहा है कि सरकार की तरफ से खाने का सारा सामन आता है लेकिन बीच में बड़े अफसर उस सामन को बेच देते हैं…इसकी जाँच होनी चाहिए..

वीडियो को डालते ही मिलियन लोगों ने देखा है और गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस वीडियो को देख जांच की बात कही है..वहीँ BSF की तरफ से बयान जरी किया गया है कि तेजबहादुर एक बत्तमीज, शराबी और झगड़ालू किस्म का व्यक्ति है..और पहले भी उसके ऐसे मामले सामने आ चुके हैं..साथ ही उसका कई बार तबादला भी हो चूका है इसी प्रकार की हरकतों को लेकर..

BSF की तरफ से आये जवाब पर यादव ने कहा है कि मुझे गलत साबित करने की कोशिश की जा रही है लेकिन मुझे 16 मैडल भी मिलें हैं उसका कोई भी जिक्र नहीं किया है..अफसरों के हाथ लम्बे है और वो मुझे झूठा भी साबित कर सकते हैं..

सरकार की तरफ से इसकी जांच की बात कही है लेकिन तेज बहादुर ने ये भी कहा है कि इन वीडियो के बाद शायद वो रहे न रहे लेकिन इस वीडियो को शेयर कर सरकार तक पहुचाये और मेरी सहायता करें..

अब बात आती है आख़िर माज़रा क्या है.तेजबहादुर को गलत साबित करने की कोशिश की जा रही है लेकिन ये जांच का विषय है और उससे पहले ही गलत करार दिया जा रहा है.तेजबहादुर कैसा भी व्यक्ति हो लेकिन वीडियो में जो खाना उसने दिखाया था वो किसी फौजी के खाने के लिए कतई ठीक नही है.और ये जांच का विषय है, यादव गलत साबित भले ही हो जाये लेकिन, खाना भी तो सही नही था…

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